विन्ध्यवासिनी पार्क का नाम बदले जाने पर निकाला कैंडल मार्च

विन्ध्यवासिनी पार्क का नाम बदले जाने पर निकाला कैंडल मार्च


रविवार को जिले में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विंध्यवासिनी प्रसाद वर्मा की 76वीं पुण्यतिथि श्रद्धा के साथ मनाई गई। वक्ताओं ने स्वतंत्रता के लिए उनके द्वारा किए गए संघर्ष एवं उनके सामाजिक सरोकारों पर चर्चा की। एक अधिवक्ता के रूप में भी उनके द्वारा समाज को दिए गए योगदान को सराहा गया। विंध्वासिनी पार्क का नाम बदले जाने के विरोध में लोगों ने सभास्थल से महात्मा गांधी प्रतिमा तक कैंडिल मार्च निकाल कर आक्रोश भी व्यक्त किया।


विंध्यवासिनी प्रसाद की पुण्यतिथि पर दोपहर करीब दो बजे इंदिरा तिराहे पर सर्वदलीय सभा हुई। सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय विंध्यवासिनी प्रसाद वर्मा ने स्वतंत्रता आंदोलन में बड़ा योगदान दिया है। आज उनकी विरासत व धरोहरों को समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। जिले में उनके नाम स्थापित पार्क का नाम बदल दिया गया है। श्रद्धाजंली सभा की अध्यक्षता जितेन्द्र राय एवं संचालन अधिवक्ता अनुज अस्थाना ने किया। सभा को पूर्व विधायक हरिद्वार पाण्डेय, उप्र बार कौंसिल के सदस्य मधुसूदन त्रिपाठी, गोविवि के पूर्व अध्यक्ष राम सिंह व दिनेश चंद्र श्रीवास्तव ने संबोधित किया।


गांधी प्रतिमा तक निकला कैंडल मार्च


शाम को सभास्थल से महात्मा गांधी मूर्ति तक कैंडिल मार्च निकाल कर समिति के लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया। सभा और कैंडिल मार्च में कांग्रेस जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान, सपा के रवि श्रीवास्तव, शिवा जी शुक्ला, केके त्रिपाठी, हियुवा(भारत) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह, आम आदमी पार्टी के वैभव जायसवाल, कपीस श्रीवास्तव, पूर्व सभासद विंध्यवासिनी जायसवाल, रजनीश कुमार श्रीवास्तव, गौतम लाल, सुनील श्रीवास्तव, नवीन सिन्हा, विजय श्रीवास्तव, सिविल कोर्ट बार के पूर्व मंत्री प्रियानंद सिंह, सती वर्मा, रौनक श्रीवास्तव, प्रवीण शुक्ला, सुशील श्रीवास्तव, उमेश श्रीवास्तव, अतुल श्रीवास्तव, प्रदीप रंजन वर्मा आदि लोग शामिल हुए।