200 निजी कालेजों के शिक्षक-कर्मचारी आएंगे इपीएफ दायरे में

200 निजी कालेजों के शिक्षक-कर्मचारी आएंगे इपीएफ दायरे में


गोरखपुर मण्डल के चार जिलों के 200 स्ववित्त पोषित कालेजों के करीब चार हजार शिक्षक व कर्मचारियों को अब ईपीएफ की सुविधा मिलेगी। डीडीयू से जुड़े इन कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों को ईपीएफ के दायरे में लाने की पहल कर्मचारी भविष्य निधि संगठन दफ्तर ने की है। इसके लिए 25 को डीडीयू के कुलपति व ईपीएफ आयुक्त के बीच इसको लेकर वार्ता होगी। हालांकि 40 निजी कॉलेजों ने ईपीएफ में अपने शिक्षकों व कर्मचारियों का पंजीकरण कराया है। लेकिन ईपीएफ कटौती की रकम नियमित जमा नहीं हो रही है।


दरअसल, ईपीएफओ मुख्यालय ने गोरखपुर परिक्षेत्र के 800 स्कूलों व कॉलेजों की सूची ईपीएफ आयुक्त को भेजकर निर्देश दिया है कि सभी संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों को भविष्य निधि से कवर करें ताकि भविष्य में इन कर्मचारियों के कार्यमुक्त होने पर एकमुश्त रकम के साथ पेंशन की सुविधा भी मिले।


ईपीएफओ गोरखपुर कार्यालय ने सूची का मिलान किया तो पाया कि परिक्षेत्र में 340 स्कूल कॉलेजों ने कर्मचारियों का पंजीकरण है। इनमें से बहुत से संस्थान ऐसे है जो ईपीएफ की रकम नियमित जमा नहीं कर रहे है। गोरखपुर मंडल में 40 स्कूल-कॉलेज भी इसमें शामिल हैं। करीब 200 कालेज ऐसे हैं जिन्होंने अब तक अपने कर्मचारियों को ईपीएफ सुविधा से वंचित रखा है। ईपीएफओ मुख्यालय के निर्देश के क्रम में ईपीएफ आयुक्त मनीष मणि ने डीडीयू के कुलपति प्रो वीके सिंह से सम्पर्क कर चर्चा के लिए समय मांगा था। आगामी 25 को कुलपति व आयुक्त के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चा होगी।


275 नर्सिग होम व अस्पतालों के कर्मचारियों को भी सुविधा


कर्मचारी भविष्य निधि संगठन नई दिल्ली ने ईपीएफ आयुक्त को परिक्षेत्र के 12 जिलों के 400 नर्सिंग होम और अस्पतालों की सूची भी भेजी है। निर्देश दिया है कि जांच कर सभी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को ईपीएफ के दायरे में लाएं। सूची की जांच कर 275 नर्सिंग होम और अस्पतालों को चिन्हित किया गया है। परिक्षेत्र के 12 जनपदों के 125 नर्सिंग होम संचालकों ने ईपीएफ में पंजीकरण भी कराया है लेकिन कर्मचारियों की ईपीएफ कटौती की रकम का भुगतान निर्धारित समय से नहीं करते है। सूत्रों के मुताबिक इन अस्पतालों में करीब 3000 कर्मचारी कार्यरत है।


मुख्यालय ने परिक्षेत्र के स्ववित्त पोषित कालेजों की सूची भेजी है। सूची की जांच के बाद गोरखपुर मंडल के 200 स्ववित्त पोषित कालेजों को चिन्हित किया गया है। इन सभी कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों को ईपीएफ से कवर करने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। इसके तहत डीडीयू के वीसी के साथ बैठक भी की जाएगी। परिक्षेत्र के 400 नर्सिंग होम व अस्पतालों की सूची भी आई है। इनमें से 125 नर्सिंग होम संचालकों ने अपने कर्मचारियों को ईपीएफ में पंजीकरण कराया है। शेष को पत्र भेजा जा रहा है।


- मनीष मणि, आयुक्त कर्मचारी भविष्य निधि संगठन गोरखपुर परिक्षेत्र


गोरखपुर मण्डल के 328 कालेज डीडीयू से सम्बद्व


-इनमें से 40 ने ईपीएफ में कराया है पंजीकरण


-ईपीएफ कटौती की रकम नियत समय पर जमा नहीं करते


-200 कालेज के शिक्षक व कर्मचारी ईपीएफ से कवर होंगे