फाईलेरिया की दवा खाने के बाद 14 छात्राएं बीमार

फाईलेरिया की दवा खाने के बाद 14 छात्राएं बीमार


फाइलेरिया की दवा के सेवन के बाद मदरसे की 14 छात्राएं बीमार हो गईं। घटना बुधवार की है। बीमार छात्राओं को पिपराइच सीएचसी ले जाया गया। दो छात्राओं को वहां भर्ती किया गया। हालत सुधरने पर देर रात सभी को घर भेज दिया गया।


कुरमौल उर्फ बड़हरा के मदरसा वारसिया आलिया में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। टीम में शामिल आशा कमला देवी और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री सोनी देवी ने छात्राओं को फाईलेरिया और पेट के कीड़े मारने की दवा (अल्बेंडाजोल) खिलानी शुरू की। दो दर्जन छात्राओं को दवा खिलाई गई। दवा खाने से एक-एक कर छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी। छात्राओं को मिचली, पेट दर्द , उल्टी और चक्कर आने लगा। छात्रा आयशा खातून, साबिया खातून, फातिमा खातून, गुड़िया, नायरा खातून की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। दो मौके पर ही अचेत हो गईं।


प्रधानाचार्य ने दी सूचना, पहुंची एम्बुलेंस


शिक्षकों ने घटनाक्रम की सूचना मदरसे के प्रधानाचार्य जामिन अली को दी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात की। सूचना पर सीएचसी के चिकित्सकों की टीम मदरसा पहुंच गई। सभी छात्राओं को मदरसे की मिनी बस और 108 नम्बर की एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद ज्यादातर छात्राओं की हालत सुधर गई। दो छात्राओं को कुछ घंटे के लिए भर्ती रखा गया।


कुछ बच्चों में होती है परेशानी


सीएचसी में छात्राओं का इलाज कर रहे डॉ. आनंद कुमार ने इसे सामान्य घटना करार दिया। उन्होंने बताया कि दवा खाने के बाद कुछ बच्चों में इस तरह की परेशानी हो जाती है। यह चिंताजनक नहीं है। यह उन्हीं बच्चों में होती है जिनमे फाईलेरिया के पैरासाइट्स हों।